बायोइन्फॉर्मेटिक्स क्या है? अर्थ, उपयोग, टूल और करियर (Bioinformatics in Hindi)

कंप्यूटर लैब में मॉनिटर पर डीएनए सीक्वेंस और प्रोटीन संरचना का विश्लेषण करता युवा भारतीय छात्र

लेखिका: डॉ. तमन्ना अनवर, PhD, संस्थापक, Centre of Bioinformatics Research and Technology (CBIRT)
अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026

Bioinformatics kya hai? आसान शब्दों में, बायोइन्फॉर्मेटिक्स (Bioinformatics) वह विज्ञान है जिसमें कंप्यूटर की मदद से जैविक डेटा, जैसे DNA, RNA और प्रोटीन, को इकट्ठा किया जाता है, संभाला जाता है और समझा जाता है। यह जीव विज्ञान (biology), कंप्यूटर साइंस और सांख्यिकी (statistics) का मेल है।

इस लेख में हम सरल हिंदी में समझेंगे कि बायोइन्फॉर्मेटिक्स क्या है, यह कहाँ काम आता है, इसमें कौन से टूल इस्तेमाल होते हैं, और इसमें पढ़ाई और करियर कैसे शुरू करें।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स की परिभाषा

अमेरिका के National Human Genome Research Institute (NHGRI) के अनुसार, बायोइन्फॉर्मेटिक्स विज्ञान की वह शाखा है जो कंप्यूटर तकनीक का उपयोग करके जैविक डेटा को इकट्ठा करती है, स्टोर करती है, उसका विश्लेषण करती है और उसे साझा करती है (NHGRI)। इसमें DNA और प्रोटीन के अनुक्रम (sequences), उनकी जानकारी, और उन्हें व्यवस्थित रखने वाले डेटाबेस शामिल हैं। अंग्रेज़ी में विस्तार से पढ़ना चाहें तो हमारा लेख What is bioinformatics? देखें।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स क्या है: DNA से डेटा और डेटा से जानकारी तक, जीव विज्ञान, कंप्यूटर और सांख्यिकी का मेल
DNA से डेटा और डेटा से जानकारी: बायोइन्फॉर्मेटिक्स में जीव विज्ञान, कंप्यूटर और सांख्यिकी साथ काम करते हैं

एक आसान उदाहरण

मान लीजिए आपके पास एक किताब है जो सिर्फ चार अक्षरों से लिखी है: A, T, G और C। मानव जीनोम ऐसी ही एक किताब है, जिसमें अरबों अक्षर हैं। इसे हाथ से पढ़ना असंभव है।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स वैज्ञानिक कंप्यूटर प्रोग्राम की मदद से यह किताब पढ़ते हैं: वे पता लगाते हैं कि जीन (genes) कहाँ हैं, किसी मरीज़ के DNA में कौन सा बदलाव (mutation) है, और वह बदलाव बीमारी से जुड़ा है या नहीं।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स कहाँ काम आता है?

क्षेत्रउदाहरण
बीमारियों की निगरानीCOVID-19 के दौरान भारत के INSACOG नेटवर्क की 54 प्रयोगशालाओं ने वायरस के जीनोम का सीक्वेंस पढ़कर नए वेरिएंट पर नज़र रखी (DBT)
मानव जीनोम अनुसंधानGenome India Project में 20 से अधिक संस्थानों ने 10,000 भारतीयों के जीनोम सीक्वेंस किए, और यह डेटा Indian Biological Data Centre (IBDC) में उपलब्ध है (BioSpectrum, जनवरी 2025)
दवा की खोजकंप्यूटर पर प्रोटीन की 3D संरचना देखकर यह जाँचना कि कोई दवा का अणु उससे कैसे जुड़ेगा (molecular docking)
क्लिनिकल जीनोमिक्समरीज़ के DNA टेस्ट से बीमारी पैदा करने वाले बदलाव ढूँढना और रिपोर्ट बनाना
कृषिफसलों के जीनोम का अध्ययन करके बेहतर किस्में विकसित करने में मदद

बायोइन्फॉर्मेटिक्स में इस्तेमाल होने वाले मुख्य टूल

टूल या डेटाबेसकिस काम आता है
NCBI (GenBank, SRA)DNA सीक्वेंस और सीक्वेंसिंग डेटा ढूँढना और डाउनलोड करना
BLASTकिसी सीक्वेंस से मिलते-जुलते सीक्वेंस खोजना
UniProt और PDBप्रोटीन की जानकारी और उनकी 3D संरचना
Python और Rडेटा का विश्लेषण, ग्राफ बनाना और काम को ऑटोमेट करना
Linuxज़्यादातर जीनोमिक्स टूल Linux कमांड लाइन पर चलते हैं

अगर आप सीक्वेंसिंग डेटा का पूरा विश्लेषण देखना चाहते हैं, तो हमारी अंग्रेज़ी गाइड NGS data analysis for beginners पढ़ें।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी में क्या अंतर है?

बायोइन्फॉर्मेटिक्सबायोटेक्नोलॉजी
मुख्य कामकंप्यूटर पर जैविक डेटा का विश्लेषणप्रयोगशाला में जीवों और कोशिकाओं के साथ प्रयोग
कहाँ काम होता हैज़्यादातर कंप्यूटर परज़्यादातर लैब में
ज़रूरी कौशलजीव विज्ञान + प्रोग्रामिंग + सांख्यिकीजीव विज्ञान + लैब तकनीक

दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं: लैब में बनने वाले डेटा को समझने के लिए बायोइन्फॉर्मेटिक्स की ज़रूरत होती है।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स कैसे पढ़ें?

  • 12वीं के बाद: BSc या BTech Bioinformatics, या कोई लाइफ साइंस डिग्री और फिर MSc Bioinformatics। इसके लिए NEET की ज़रूरत नहीं है। पूरी जानकारी के लिए पढ़ें: 12वीं के बाद बायोइन्फॉर्मेटिक्स।
  • कोर्स चुनना: डिग्री, डिप्लोमा, मुफ़्त ऑनलाइन कोर्स और शॉर्ट कोर्स की तुलना हमारी bioinformatics course in India गाइड में है।
  • प्रोग्रामिंग: Python से शुरुआत करें। हमारा 30-day Python roadmap देखें।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स में करियर

बायोइन्फॉर्मेटिक्स पढ़ने के बाद आप Bioinformatics Analyst, Genome Analyst, रिसर्च प्रोजेक्ट में Project Associate या JRF, और Biocurator जैसी भूमिकाओं में काम कर सकते हैं। ये नौकरियाँ जीनोमिक्स कंपनियों, रिसर्च संस्थानों, फार्मा कंपनियों और CRO (Contract Research Organization) में मिलती हैं।

वेतन की बात करें, तो AmbitionBox पर फ्रेशर Bioinformatics Analyst ने ₹2 से 9 लाख सालाना वेतन बताया है (AmbitionBox, जून 2025)। ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें: bioinformatics jobs for freshers और bioinformatics salary in India।

CBIRT के साथ शुरुआत करें

CBIRT का Introduction to Bioinformatics प्रोग्राम पूरी तरह शुरुआती छात्रों के लिए है। यह एक इंडस्ट्री-केंद्रित स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम है, जो अनुभवी ट्रेनर्स द्वारा लाइव ऑनलाइन पढ़ाया जाता है। इसमें असली डेटा पर हैंड्स-ऑन काम, एक असाइनमेंट या प्रोजेक्ट, और पूरा करने पर सर्टिफिकेट मिलता है।

Introduction to Bioinformatics प्रोग्राम देखें →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बायोइन्फॉर्मेटिक्स क्या है, एक लाइन में?

कंप्यूटर की मदद से DNA, RNA और प्रोटीन जैसे जैविक डेटा का विश्लेषण करने का विज्ञान।

क्या बायोइन्फॉर्मेटिक्स के लिए NEET ज़रूरी है?

नहीं। NEET (UG) मेडिकल, डेंटल और आयुष कोर्स के लिए है। बायोइन्फॉर्मेटिक्स में दाखिला CUET (UG), JEE Main, विश्वविद्यालय की अपनी परीक्षा या मेरिट से होता है।

क्या बायोइन्फॉर्मेटिक्स के लिए कोडिंग आनी चाहिए?

शुरुआत में नहीं। लेकिन आगे बढ़ने के लिए Python या R और Linux की बुनियादी जानकारी ज़रूरी है, जिसे पढ़ाई के दौरान सीखा जा सकता है।

क्या बायोलॉजी के छात्र बायोइन्फॉर्मेटिक्स कर सकते हैं?

हाँ। ज़्यादातर बायोइन्फॉर्मेटिशियन बायोलॉजी पृष्ठभूमि से आते हैं और प्रोग्रामिंग बाद में सीखते हैं।

बायोइन्फॉर्मेटिक्स में नौकरी कहाँ मिलती है?

जीनोमिक्स और डायग्नॉस्टिक लैब, फार्मा कंपनियों, CRO, बायोइन्फॉर्मेटिक्स डेटा कंपनियों और सरकारी रिसर्च संस्थानों में।

स्रोत (Sources)

CBIRT पर और पढ़ें: What is bioinformatics? (English) · Bioinformatics course in India · Bioinformatics after 12th · Python for bioinformatics

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